
सुंदरदास मानिकपुरी की रिपोर्ट
रतनपुर —- कोटा विकासखंड अंतर्गत रतनपुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर बेलगहना–पेंड्रा मार्ग स्थित ग्राम पुडू में देवरहा बाबा आश्रम में एकदिवसीय संत दर्शन मेला का भव्य आयोजन किया गया। वर्षों पुराना यह स्थल भगवान महाकाल के प्राचीन मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जहां पिछले 11 वर्षों से निरंतर इस मेले का आयोजन होता आ रहा है।
इस वर्ष 18 मार्च, अमावस्या बुधवार को पूज्य श्री श्री 108 श्री स्वामी शिवानंद महाराज जी के पावन सानिध्य में कार्यक्रम संपन्न हुआ। स्वामी जी के आगमन पर ग्रामीणों द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई तथा संकीर्तन के साथ उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्वामी जी के करकमलों से नव-निर्मित रामकुटी का लोकार्पण भी किया गया।
प्राकृतिक सुंदरता से घिरे इस आश्रम में सावन माह के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। यह स्थान आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के भक्तों के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। ग्राम पुडू में स्थित देवरहा तालाब, प्राचीन शिव मंदिर और देवरहा बाबा की तपोस्थली धार्मिक महत्व को और बढ़ाते हैं।
अपने उद्बोधन में स्वामी शिवानंद महाराज जी ने नाम जप की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु द्वारा दिया गया नाम जप आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यंत लाभकारी होता है। इससे मन को शांति मिलती है और व्यक्ति दिव्य ऊर्जा से जुड़ता है। उन्होंने कहा कि निरंतर नाम जप और ध्यान करने से व्यक्ति को प्रभु की कृपा प्राप्त होती है और जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
कार्यक्रम के दौरान समिति द्वारा भजन-संगीत का आयोजन किया गया, जिसमें साधकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। अंत में आयोजित भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

