
इमरान खान की रिपोर्ट
बिलासपुर– — विकास की रफ्तार जब लोगों की सांसों पर भारी पड़ने लगे, तो विरोध स्वाभाविक हो जाता है। बेलगहना चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मझवानी में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां नेशनल हाईवे निर्माण कार्य से उड़ रही धूल ने ग्रामीणों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए कि गुरुवार को गांव की महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया और पुरुषों के साथ मिलकर हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।
करीब 55-60 महिला-पुरुष सड़क पर उतर आए। किसी की गोद में बच्चा था, तो कोई चेहरे को दुपट्टे से ढककर धूल से बचने की कोशिश कर रहा था। लेकिन आंखों में गुस्सा साफ झलक रहा था। महिलाओं का कहना था कि दिन-रात उड़ती धूल ने बच्चों का जीना मुश्किल कर दिया है। खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ आम हो गई है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य में लगे वाहन और मशीनें बिना किसी नियंत्रण के धूल उड़ाते रहते हैं। सड़क पर पानी का छिड़काव (तराई) नहीं होने से हालात और खराब हो जाते हैं। खेत, घर, आंगन—सब धूल की परत से ढक चुके हैं। रोजमर्रा का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही बेलगहना चौकी प्रभारी हेमंत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी पीड़ा सुनी और तत्काल समाधान का भरोसा दिलाया। मौके पर ही सड़क पर पानी का छिड़काव कराया गया, जिससे कुछ राहत मिली। चौकी प्रभारी के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया गया और धूल पर नियंत्रण नहीं हुआ, तो वे फिर से उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मझवानी की यह तस्वीर सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उन तमाम इलाकों की है जहां विकास कार्यों के बीच आम लोगों की बुनियादी परेशानियां नजरअंदाज हो रही हैं।

