इमरान खान की रिपोर्ट
बिलासपुर —-विकासखंड कोटा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला छतौना, संकुल छतौना में स्कूल को मिलने वाली राशि के उपयोग में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस मामले में लिखित शिकायत सौंपकर स्कूल में लगाए गए बिलों की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2023 से लेकर वर्तमान समय तक स्कूल में विभिन्न दुकानों और संस्थानों के नाम से कई संदिग्ध एवं फर्जी बिल लगाकर शासकीय राशि आहरित की गई है शिकायतकर्ता ने कई बिंदुओं के माध्यम से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
फर्जी बिल लगाया गया हैं –+++–आवेदन के अनुसार 24 मार्च 2025 को मानोज किराना एवं जनरल स्टोर, स्टेशनरी एवं फोटोकॉपी, ग्राम छतौना के नाम से एक बिल प्रस्तुत किया गया, जिसमें बिल क्रमांक अंकित नहीं था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब दुकान संचालक से इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने उक्त बिल को फर्जी बताया तथा कहा कि यह बिल उनके द्वारा जारी नहीं किया गया है। आरोप है कि कंप्यूटर से छेड़छाड़ कर दुकान का नाम एवं मोबाइल नंबर डालकर बिल तैयार किया गया।
फिर से फर्जी बिल से राशि का आहरण —++—इसके अलावा 24 जनवरी 2025 एवं 14 फरवरी 2024 को भी उसी दुकान के नाम से दोबारा बिल लगाए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ये बिल भी संदेहास्पद एवं फर्जी हैं।
शिकायत में “चिंटू टेंट एवं लाइट डेकोरेशन, ग्राम छतौना के नाम से लगाए गए 5000 रुपये के बिल का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि बिना किसी वास्तविक कार्यक्रम या सामग्री सत्यापन के बिल बनाकर राशि आहरित की गई। आवेदन में कहा गया है कि एक वर्ष बाद भी बिल क्रमांक में एक ही नंबर का अंतर पाया गया, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा हो गया है।
इसी प्रकार चंद्रशेखर फोटोकॉपी एवं जनरल स्टोर चपोरा” तथा “चंद्रशेखर सिंह स्टेशनरी फोटोकॉपी एवं जनरल स्टोर चपोरा” के नाम से अलग-अलग बिल लगाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि वास्तविकता में यह एक ही दुकान है, लेकिन अलग-अलग नामों से बिल प्रस्तुत कर राशि निकाली गई है।
आवेदन में वर्ष 2024 से 2026 तक “सरगम मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स बेलगहना” से खरीदी गई सामग्री की उपलब्धता एवं उपयोगिता की जांच कराने की मांग भी की गई है।
साथ ही वर्ष 2023 से वर्तमान तक लगाए गए सभी बिलों का परीक्षण कर यह सत्यापित करने की मांग की गई है l
शिकायतकर्ता ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच टीम गठित कर स्थल निरीक्षण कराया जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब इस शिकायत के बाद शिक्षा

