
सुंदरदास मानिकपुरी की रिपोर्ट
रतनपुर —- स्वच्छता अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र में बनाए गए सामुदायिक शौचालय की स्थिति बेहद चिंताजनक नजर आ रही है। गांव में निर्मित यह शौचालय आज तक उपयोग में नहीं आ सका है। हालात यह हैं कि शौचालय के दरवाजे तक कभी नहीं खुले, लेकिन अब भवन में टूट-फूट शुरू हो गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, लाखों रुपये की लागत से बना यह शौचालय केवल दिखावे का साधन बनकर रह गया है। दीवारों पर पेंटिंग और स्लोगन तो दिखाई देते हैं, लेकिन अंदर सुविधा का उपयोग आज तक किसी ने नहीं किया।

सूचना पट्ट के अनुसार, शौचालय का निर्माण वर्ष 2022-23 में मनरेगा व SBM योजना के तहत किया गया था, जिसकी स्वीकृत राशि लगभग 4.89 लाख रुपये बताई गई है। इसके बावजूद निर्माण के बाद से ही यह बंद पड़ा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण सरकारी योजनाओं का सही लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब भवन जर्जर होने लगा है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी साफ नजर आ रही है।

