बिलासपुर —- विकासखंड कोटा अंतर्गत संचालित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बानाबेल संकुल बानाबेल में शाला को मिलने वाली शासकीय मदों की राशि के उपयोग को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्कूल में विभिन्न कार्यों एवं सामग्री खरीदी के नाम पर ऐसे बिल लगाए गए हैं जिनमें कई प्रकार की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। कई बिलों में बिल क्रमांक अंकित नहीं है, कई जगह सामग्री खरीदी की तारीख में काट-छांट की गई है, वहीं कुछ दुकानों के अस्तित्व को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सरकारी राशि निकालने के लिए फर्जी तरीके से बिल तैयार कर राशि आहरित की गई।
मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी का आरोप —+++—-शिकायत के अनुसार दिनांक 06 मार्च 2025 को स्कूल की लिपाई-पोताई कार्य हेतु मजदूरी मद में 6500 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। आरोप है कि जिस मजदूर के नाम से भुगतान किया गया, उसके हस्ताक्षर एवं कार्य दोनों संदिग्ध प्रतीत होते हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि मौके पर वास्तविक कार्य और दस्तावेजों में दर्शाए गए भुगतान में अंतर दिखाई देता है, जिससे फर्जी भुगतान की आशंका उत्पन्न हो रही है।
बिना बिल क्रमांक के सामग्री खरीदी —-++++—- शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि सोमती जनरल स्टोर बानाबेल के नाम पर 1600 रुपये का बिल लगाया गया, लेकिन संबंधित बिल में बिल क्रमांक अंकित नहीं है। साथ ही सामग्री खरीदी की तारीख में काट-छांट किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि बिल किसी अन्य व्यक्ति के नाम से तैयार किया गया है।
इसी प्रकार सतगुरु प्लास्टिक सामग्री रतनपुर के नाम पर 3750 रुपये का बिल लगाया गया, जिसमें भी बिल क्रमांक नहीं होने और दस्तावेजों में त्रुटियां होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार यह बिल भी संदिग्ध है और इसकी जांच आवश्यक है।
छतौना के दुकानों के नाम पर फर्जी बिल का आरोप —-++++—– दिनांक 16 मार्च 2025 को शिवप्रकाश जनरल स्टोर छतौना के नाम पर 5000 रुपये का बिल लगाया गया। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित दुकान में खरीदी गई सामग्री उपलब्ध नहीं मिलती तथा बिल भी संदेहास्पद है।
इसके अलावा यादव स्टेशनरी एवं जनरल स्टोर, कैलाश ट्रेडर्स, मनीष ट्रेडर्स और नरेंद्र ट्रेडर्स के नाम पर भी हजारों रुपये के बिल लगाए जाने का उल्लेख शिकायत में किया गया है। आरोप लगाया गया है कि इनमें से कई दुकानें ग्राम छतौना में संचालित ही नहीं होतीं, इसके बावजूद उनके नाम से बिल लगाकर शासकीय राशि निकाली गई।
कोरबा के मोबाइल सेंटर के नाम पर भी राशि निकासी —–++++—– शिकायत में साहू कंप्यूटर एंड मोबाइल सेंटर कोरबा के नाम पर 400 रुपये तथा 8600 रुपये के बिल लगाए जाने का भी उल्लेख है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बिल किसी अन्य व्यक्ति के नाम का है, लेकिन उसे स्कूल के बिलों में जोड़कर राशि आहरित कर ली गई। साथ ही सामग्री खरीदी की तारीख में भी काट-छांट किए जाने की बात कही गई है।
ग्रामीणों और पालकों में नाराजगी —++++–
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों एवं पालकों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि स्कूलों के विकास, बच्चों की मूलभूत सुविधाओं और शैक्षणिक कार्यों के लिए सरकार द्वारा राशि भेजी जाती है, लेकिन यदि उस राशि में ही इस प्रकार की अनियमितता और फर्जीवाड़ा होगा तो शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए

