बिलासपुर —***– कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत अमाली में मेमर्स विराज अर्थ फ्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित कोल वाशरी परियोजना को लेकर शुक्रवार को आयोजित जनसुनवाई में आसपास के गांवों के ग्रामीणों और शिक्षित युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। जनसुनवाई में ग्राम अमाली के साथ-साथ बिल्लीबंद, जोगीपुर, धरमपुर और खुरदुर सहित आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे और अपनी बात प्रशासन तथा कंपनी के प्रतिनिधियों के समक्ष रखी।
जनसुनवाई के दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने कहा कि यदि क्षेत्र में उद्योग स्थापित हो रहा है तो उसका पहला लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने कंपनी से मांग की कि भर्ती प्रक्रिया में बाहरी लोगों की बजाय क्षेत्र के योग्य और शिक्षित युवाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि लंबे समय से रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिल सके।
ग्रामीणों ने कहा कि कोल वाशरी की स्थापना से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। परिवहन, छोटे व्यवसाय, दुकानें तथा अन्य सहायक रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे, जिससे आसपास के गांवों के लोगों की आय में वृद्धि होगी। उनका कहना था कि यदि उद्योग के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी पालन किया जाए तो पूरे क्षेत्र का समग्र विकास संभव है।
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने कंपनी से यह भी अपेक्षा जताई कि उद्योग स्थापित होने के बाद गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास में भी सहयोग किया जाए। ग्रामीणों का कहना था कि उद्योग के आने से केवल कंपनी ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों का भी विकास होना चाहिए।
कई ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से क्षेत्र के युवा रोजगार के लिए दूसरे जिलों और राज्यों का रुख करने को मजबूर हैं। यदि कोल वाशरी शुरू होती है और स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है, तो पलायन में कमी आएगी और युवाओं को अपने परिवार के साथ रहकर काम करने का अवसर मिलेगा।
जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना और नियमानुसार सभी सुझाव एवं आपत्तियों को दर्ज किया। कंपनी के प्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, शिक्षित युवा, प्रशासनिक अधिकारी तथा कंपनी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकांश लोगों ने स्थानीय रोजगार, क्षेत्रीय विकास और आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग प्रमुखता से उठाई।

