जितेन्द्र खुसरो
बेलगहना / टेंगनमाड़ा
बिलासपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाते हुए रायपुर केंद्रीय जेल में बंद एक छात्र को रविवार, 21 जून को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शामिल होने की अनुमति दे दी है. मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने छात्र के करियर को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर बेहद तात्कालिक आधार पर सुनवाई की.
यह आदेश छात्र के वकील एडवोकेट अनुकुल बिस्वास द्वारा दायर एक अंतरिम याचिका पर आया है, जिसमें छात्र को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए जमानत या स्वतंत्रता देने की मांग की गई थी.
दरअसल, यह छात्र रायपुर के खमतराई पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध क्रमांक 430/2026 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत जेल में बंद है. सुनवाई के दौरान वकील ने छात्र का एडमिट कार्ड अदालत में पेश करते हुए दलील दी कि उसके भविष्य के लिए इस परीक्षा में बैठना बेहद जरूरी है. छात्र का परीक्षा केंद्र केंद्रीय विद्यालय, रायपुर है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश ने रायपुर के पुलिस अधीक्षक और केंद्रीय जेल के अधीक्षक को सख्त निर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने आदेश दिया है कि आरोपी छात्र को पूरी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्र तक ले जाया जाए और परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद वापस रायपुर केंद्रीय जेल लाया जाए.
इसके साथ ही, छात्र की तैयारी को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने जेल प्रशासन को यह भी निर्देश दिया है कि उसे आखिरी समय की तैयारी के लिए आवश्यक किताबें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए.
फैसले के अनुसार, पुलिस ने अभी तक इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की है और मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की गई है. रविवार को सुरक्षा और परिवहन की व्यवस्था सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (न्यायिक) को तुरंत यह आदेश निचली अदालत, एसपी रायपुर और जेल अधीक्षक को भेजने के निर्देश दिए गए हैं.

