इमरान खान की रिपोर्ट
बिलासपुर — सरकारी जमीन पर कब्जा और अवैध लेन-देन की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं सरकारी या पंचायत द्वारा पट्टे पर दी गई ज़मीन को किसी भी सूरत में बेचा या खरीदा नहीं जा सकता। बावजूद इसके, कई क्षेत्रों में पट्टे की भूमि की अवैध रजिस्ट्री और कब्जा हस्तांतरण के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला सामने आया है रतनपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत तेंदुभाठा के आश्रित ग्राम नवागांव के कुदरी चौक का, जहां शासकीय पट्टे पर दी गई भूमि की खरीद-बिक्री का खेल बेखौफ चल रहा है। यह मामला में अब ग्रामीण जनदर्शन में कलेक्टर से शिकायत की तैयारी कर रहे हैं l
मिली जानकारी के अनुसार, जिस भूमि को शासन द्वारा विशेष पात्रता के आधार पर पट्टे में आवंटित किया गया था, उसे कुछ व्यक्तियों द्वारा नियमों को दरकिनार करते हुए खरीदा-बेचा गया है। गौरतलब है कि यह भूमि अहस्तांतरित शासकीय भूमि है, जिसकी न तो बिक्री संभव है और न ही किसी प्रकार का निर्माण कार्य वैध होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब कुछ पंचायत, राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है। जबकि शासन लगातार शासकीय भूमि की सुरक्षा और अवैध कब्जों को रोकने के लिए अभियान चला रहा है। इसके बावजूद, कुदरी चौक में शासकीय भूमि के नाम पर खुलेआम सौदा किया जा रहा है।
क्या कहते हैं नियम —-***—- राजस्व संहिता और भूमि सुधार अधिनियम के तहत अहस्तांतरित शासकीय भूमि को किसी भी परिस्थिति में खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें न सिर्फ जमीन जब्त की जा सकती है, बल्कि दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज हो सकती है।

