109 बच्चों का भविष्य दांव पर, कोनचरा हाईस्कूल में शिक्षक से लेकर पानी-बिजली तक का संकट, कलेक्टर से लगाई गुहार
बिलासपुर– जिस स्कूल में बच्चे अपने सुनहरे भविष्य के सपने लेकर पढ़ने जाते हैं, उसी स्कूल में अगर पढ़ाने के लिए शिक्षक कम हों, पीने के लिए पानी न हो और शौचालय-बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी बदहाल हों, तो सवाल सिर्फ व्यवस्था का नहीं, बल्कि 109 बच्चों के भविष्य का है।
कोटा विकासखंड के शासकीय हाईस्कूल कोनचरा की बदहाल व्यवस्था को लेकर अनुराग गंधर्व, पिंकू कश्यप, सूरज तिवारी और मनीष कश्यप ने जिला कलेक्टर के जनदर्शन में आवेदन सौंपकर तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार विद्यालय में कक्षा 9वीं और 10वीं में 109 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। एक ओर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, तो दूसरी ओर स्कूल में पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी बच्चों की परेशानी बढ़ा रही है।
स्कूल बंद होने के बाद परिसर में शराबखोरी का आरोप
ग्रामीणों ने आवेदन में एक और गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि स्कूल बंद होने के बाद रात के समय विद्यालय परिसर में शराब का सेवन किया जाता है। इससे स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आवेदन में यह भी बताया गया है कि पूर्व में स्कूल में चोरी की घटना हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को इसकी सूचना दी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
ग्रामीणों का सवाल—बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी किसकी?
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए स्कूल भेजते हैं। लेकिन जब सरकारी स्कूल में ही शिक्षक, पानी, शौचालय और बिजली जैसी जरूरी सुविधाएं पूरी नहीं होंगी, तो आखिर बच्चे किस भरोसे अपना भविष्य बनाएंगे,शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और बिजली की समस्या का तत्काल निराकरण कराया जाए। साथ ही विद्यालय परिसर में रात के समय होने वाली कथित असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि एक माह के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो वे आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे।
अब देखना होगा कि 109 बच्चों के भविष्य से जुड़ी इस शिकायत पर प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और कोनचरा हाईस्कूल की बदहाल तस्वीर कब बदलती है।

