बिलासपुर — आस्था अगर सच्ची हो तो मुश्किल रास्ते भी आसान नजर आने लगते हैं। कुछ ऐसा ही संकल्प लेकर ग्राम पंचायत बारीडीह निवासी दिलीप यादव भगवान बजरंगबली को अपने मन में बसाकर बारीडीह से पैदल बागेश्वर धाम के लिए निकल पड़े हैं। उनके इस धार्मिक संकल्प और पदयात्रा की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। दिलीप यादव ने अपने मन में भगवान श्री हनुमान जी की भक्ति को धारण करते हुए बागेश्वर धाम पहुंचकर दर्शन करने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के साथ उन्होंने अपने गांव से पैदल यात्रा शुरू की। कंधे पर जरूरी सामान, मन में बजरंगबली का नाम और आंखों में बागेश्वर धाम पहुंचने की आस लिए दिलीप यादव लगातार अपनी यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं।
न कोई वाहन, न आराम की चिंता… बस मन में बजरंगबली का नाम
आज के दौर में जहां लोग छोटी दूरी तय करने के लिए भी वाहनों का सहारा लेते हैं, वहीं दिलीप यादव ने सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पैदल पूरी करने का निर्णय लिया है। तपती धूप, बारिश, लंबा रास्ता और रास्ते की तमाम परेशानियां भी उनके संकल्प को डिगा नहीं पा रही हैं। उनका कहना है कि जब मन में भगवान बजरंगबली के प्रति सच्ची आस्था हो तो रास्ते की कठिनाइयां अपने आप छोटी लगने लगती हैं। “मेरे लिए यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि भगवान बजरंगबली के प्रति मेरी श्रद्धा और विश्वास का संकल्प है।”
हर कदम के साथ बढ़ रही आस्था
ग्राम बारीडीह से शुरू हुई यह पदयात्रा केवल दिलीप यादव के लिए ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। जैसे-जैसे उनके पैदल बागेश्वर धाम जाने की खबर ग्रामीणों तक पहुंची, लोगों ने उनके संकल्प की सराहना की और यात्रा सफल होने की कामना की। दिलीप यादव का यह सफर बताता है कि भक्ति केवल मंदिर तक पहुंचने का नाम नहीं है, बल्कि अपने विश्वास के लिए कठिन रास्तों पर भी बिना रुके आगे बढ़ने का नाम है।
बागेश्वर धाम पहुंचकर करेंगे बालाजी महाराज के दर्शन
दिलीप यादव का लक्ष्य बागेश्वर धाम पहुंचकर बालाजी महाराज के दर्शन और पूजा-अर्चना करना है। गांव से शुरू हुआ उनका यह सफर कब मंजिल तक पहुंचेगा, यह दूरी और परिस्थितियों पर निर्भर है, लेकिन उनके कदमों में जो विश्वास दिखाई दे रहा है, वह निश्चित रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। गांव से निकलते समय ग्रामीणों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं और सुरक्षित यात्रा की कामना की। अब दिलीप यादव के लिए हर सुबह एक नई मंजिल है और हर कदम भगवान का नाम।

