
बिलासपुर — छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के तत्वावधान में 20 अगस्त 2026 को रतनपुर स्थित आनंदम पैलेस में अखिल भारतीय ड्राइवर महासंगठन की राष्ट्रीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व छत्तीसगढ़ ड्राइवर महासंगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सेन एवं प्रदेश संगठन मंत्री माखन नेताम ने किया। बैठक में देश के 28 राज्यों में से 20 राज्यों के प्रतिनिधि एवं सदस्य शामिल हुए।
बैठक में ड्राइवरों की लंबित मांगों और पूर्व में किए गए आंदोलनों की समीक्षा की गई। इस दौरान वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से रायपुर तक 15 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली गई पदयात्रा का उल्लेख किया गया। इसके बाद अक्टूबर 2025 में आयोजित एक दिवसीय स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन और उसकी मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में सदस्यों ने कहा कि पूर्व में आंदोलन और लगातार मांग उठाए जाने के बावजूद ड्राइवरों की समस्याओं के समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसे लेकर महासंगठन के सदस्यों में नाराजगी दिखाई दी।
तीन प्रमुख मांगों पर आर-पार की तैयारी
राष्ट्रीय बैठक में ड्राइवरों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन की रणनीति पर सहमति बनी। इनमें ड्राइवर आयोग का गठन, ड्राइवर वेलफेयर बोर्ड का गठन और ड्राइवर सुरक्षा कानून लागू करना प्रमुख हैं।
महासंगठन ने निर्णय लिया कि इन मांगों को पूरा कराने के लिए 12 नवंबर 2026 से पूरे देश में एक साथ अनिश्चितकालीन स्टेयरिंग छोड़ो आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए राज्यों और स्थानीय संगठनों के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
महासंगठन का कहना है कि देश की परिवहन व्यवस्था को लगातार गति देने वाले ड्राइवरों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक-आर्थिक हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्राइवर आयोग, वेलफेयर बोर्ड और सुरक्षा कानून को लेकर सरकार से ठोस निर्णय की मांग की गई है।
बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संगठन ने आगामी आंदोलन की जानकारी आम जनता, शासन-प्रशासन और सरकार तक पहुंचाने की बात कही। देश के 20 राज्यों से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लिया गया यह निर्णय ड्राइवर संगठनों की एकजुटता और लंबित मांगों को लेकर उनके बढ़ते आक्रोश का संकेत माना जा रहा है।

