रतनपुर — बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड अंतर्गत खैरा–पुडू मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां से गुजरना अब लोगों के लिए सफर नहीं, बल्कि मजबूरी बन गया है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क और बारिश के बाद कीचड़ ने ग्रामीणों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी आवागमन करते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी खैरा–चपोरा में पढ़ने वाले छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। कई बच्चे साइकिल से स्कूल जाते हैं और खराब सड़क के कारण आए दिन उनकी साइकिल गड्ढों में फंस रही है, टायर पंचर हो रहे हैं और कई बार गिरने का खतरा भी बना रहता है।
बच्चों के लिए स्कूल जाना भी बन गया चुनौती
सुबह-सुबह जब बच्चे किताबों का बैग लेकर घर से स्कूल के लिए निकलते हैं, तो उनके सामने पढ़ाई से पहले एक बड़ी चुनौती खड़ी रहती है—खराब सड़क को पार करना। बारिश के दिनों में सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से यह पता लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। अभिभावकों को भी अपने बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है। सवाल यह है कि जिन बच्चों को सरकार बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य देने की बात करती है, उन्हें स्कूल तक पहुंचने के लिए टूटी-फूटी सड़क और जान जोखिम में डालकर सफर क्यों करना पड़ रहा है?
ठेकेदार ने भरोसा दिलाया, लेकिन सड़क आज भी जस की तस
जनपद सदस्य जयसिंह पैकरा ने बताया कि करीब एक माह पहले उन्होंने सड़क की समस्या को लेकर ठेकेदार से बातचीत की थी। ठेकेदार द्वारा आश्वासन दिया गया था कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क के गड्ढों में मुरुम और गिट्टी डालकर रास्ते को चलने लायक बनाया जाएगा, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस काम नजर नहीं आया। जयसिंह पैकरा का कहना है कि जब से बारिश शुरू हुई है, तब से इस सड़क पर चलना बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से अब तक सड़क की सुध नहीं ली गई है।
अब बच्चों ने भी आंदोलन का रास्ता चुनने का बनाया मन
लगातार परेशानी झेल रहे खैरा, चपोरा और आसपास के क्षेत्र के स्कूली बच्चों में भी नाराजगी बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि खैरा, चपोरा और रतनपुर में पढ़ने वाले बच्चे अब सड़क की समस्या को लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 15 सितंबर तक खैरा–पुडू मार्ग की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो 20 से 25 सितंबर के बीच रतनपुर–पेंड्रा मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।
सवाल जिम्मेदारों से—बच्चों की परेशानी कब दिखेगी?
खैरा–पुडू मार्ग की बदहाली सिर्फ सड़क की समस्या नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के ग्रामीणों और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा सवाल बन चुका है। जिस रास्ते से रोज बच्चे स्कूल जाते हैं, उसी रास्ते पर अगर उन्हें गड्ढों, कीचड़ और टूटे मार्ग के बीच से गुजरना पड़े, तो जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें किसी बड़े वादे की जरूरत नहीं है, उन्हें फिलहाल सिर्फ इतना चाहिए कि सड़क इतनी ठीक हो जाए कि बच्चे सुरक्षित स्कूल पहुंच सकें और ग्रामीण बिना डर के अपने जरूरी कामों के लिए आवागमन कर सकें।

