
प्रमोद यादव की रिपोर्ट
बिलासपुर —- 1 नवम्बर 2025 को रायपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण तथा भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ था। इस गरिमामय कार्यक्रम में जनपद पंचायत कोटा क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को आमंत्रण मिला था, लेकिन यहाँ जनपद क्षेत्र के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में पहुंचने के बजाय निजी सैर सपाटे को प्राथमिकता दी।
सूत्रों के मुताबिक रतनपुर में जनपद अधिकारियों के पास अपनी गाड़ी का नंबर दर्ज करवा कर ये प्रतिनिधि रायपुर कार्यक्रम में जाने का दिखावा कर अलग-अलग स्थानों पर घूमने निकल गए। ग्राम पंचायत रिगवार, मझवानी, दारसागर और कंचनपुर के प्रतिनिधि कोरबा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ-पर्यटन स्थल मड़वारानी चले गए। वहीं ग्राम पंचायत उमरिया दादर के प्रतिनिधि रायपुर के जंगल सफारी घूमने पहुंचे।
इसी दौरान मड़वारानी से लौटते वक्त ग्राम पंचायत रिगवार के प्रतिनिधि दुर्घटना के शिकार हो गए। बताया गया कि तेज रफ्तार में वाहन अनियंत्रित हुआ और पहले पेड़ से टकराया, जिसके बाद कार खाई में लुढ़ककर नीचे दूसरे पेड़ में जाकर फंस गई। गनीमत रही कि गाड़ी में बैठे प्रतिनिधियों को केवल मामूली चोटें आईं, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
यह पूरा मामला अब जनपद पंचायत क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों एवं स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि प्रधानमंत्री स्तर के महत्वपूर्ण शासकीय कार्यक्रम को छोड़कर प्रतिनिधियों द्वारा सैर-सपाटे पर जाना और फिर उसके दौरान दुर्घटना का होना जनप्रतिनिधित्व की मर्यादा और जिम्मेदारी पर प्रश्न चिह्न खड़ा करता है।

