
इमरान खान की रिपोर्ट
बिलासपुर — बेलगहना से खोंगसरा पेंड्रा जाने वाली रोड़ पर बना डोंगानाला पुल जर्जर हो चुका हैं, इनसे रोज बड़ी संख्या में भारी वाहन और आम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं। इस बारे में प्रशासन की खामोशी से लगता है कि किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है उसके बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी। जो क्षतिग्रस्त होने के बाद सही तरीके से मरम्मत न होने से इनके धराशायी होने का खतरा बराबर बना है। बेलगहना से खोंगसरा पेंड्रा जाने वाली रोड़ पर बेलगहना के गंगानगर के पास डोंगानाला पुल जो 40 साल पहले बना हुआ हैं अब पुल जर्जर हालात में है। इस पुल की नीचे की सभी पिलर टूट चुकी हैं पुल के ऊपर की सड़क भी नीचे दब चुकी है, सड़क पर कई जगह दरारें दिखाई देती हैं। अतिवृष्टि के समय कई बार इस पुल के ऊपर तक पानी आ चुका है। बेलगहना के आसपास के लोगों के लिए खोंगसरा मरहीमाता और पेंड्रा जाने के लिए यही एकमात्र सीधा रास्ता है, जिसकी वजह से लगातार इस पुल पर वाहनों का लोड बना रहता है। सही समय में इस पुल को देखरेख नही किया गया तो यहां कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, लेकिन प्रशासन इस बात से बेखबर होकर शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। देखरेख के आभाव में ये पुल अंतिम सांसें गिन रहा है। पुल के नीचे की पिलर टूट चूका हैं और जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी है। जिम्मेदार लोग इसे अनदेखा कर रहे हैं। आरएमकेके नेशनल हाइवे रोड़ का निर्माण कार्य चल रहा हैं जिससे रोड़ खराब हैं पेंड्रा मरवाही और मध्यप्रदेश जाने के लिए इस पुल वाले रोड़ का उपयोग किया जा रहा हैं इस पुल से रोज सैकड़ों भारी, हल्के वाहन और बसें गुजरती हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जिम्मेदारों ने इस और ध्यान नहीं दिया तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

लापरवाही की हद…..2 साल से क्षतिग्रस्त है पुल —**—- बेलगहना से खोंगसरा पेंड्रा जाने वाली रोड़ पर बना डोंगानाला पुल पिछले दो साल से क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल खोंगसरा, खोडरी पेंड्रा होते हुए अमरकंटक को जोड़ता है। पुल के पिलर और ऊपर बनी सड़क जगह-जगह से दरार हो गई हैं और सड़क नीचे झुक चुकी हैं । इस क्षतिग्रस्त पुल के ऊपर से बसें, ट्रक, ट्रैक्टर, डंफर और वाहन निकलते हैं। स्थानीय लोग क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत कराने और नया पुल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों सहित विभागीय अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं। इसके बावजूद पुल की किसी ने सुध नहीं ली है।
ग्रामीण संजय सेन का कहना हैं कि डोंगानाला पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो जाता है तो यात्रियों को खोंगसरा पेंड्रा जाने के लिए क्षेत्र के केंदा होते हुए या लूफा बहेरामुडा होते हुए आवागमन करना पड़ेगा। ग्रामीणों की दूरी बढ़ जायेगी l
कन्हैया गंधर्व — कार्यकारी अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बेलगहना —— डोंगानाला पुल के लिए अधिकारियों को कई बार आवेदन दे चुके हैं उसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं अगर कोई हादसा होता हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी अधिकारियों की होंगी l

