
बिलासपुर — बेलगहना तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनपुरी अंतर्गत ग्राम ढोलमौहा में श्मशान घाट की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। गांव निवासी राम सिंह यादव के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार के लिए परिजन और ग्रामीण शव को यादव समाज के श्मशान घाट लेकर पहुंचे, लेकिन श्मशान घाट की जमीन पर कथित कब्जे के चलते अंतिम संस्कार को लेकर स्थिति उत्पन्न हो गई।

ग्रामीणों के अनुसार शिव कुमार केवट पिछले करीब 3-4 वर्षों से यादव समाज के श्मशान घाट की जमीन पर घर बनाकर रह रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में गांव की महिला समिति द्वारा पूर्व में ही जगह खाली करने के लिए कहा गया था। वहीं ग्राम पंचायत की ओर से भी जगह खाली करने के लिए नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है।
इसके बावजूद कथित तौर पर जगह खाली नहीं किए जाने के कारण राम सिंह यादव के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों और ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आखिरकार महिला समिति की मौजूदगी में गांव के लोगों और मृतक के परिवार ने शिव कुमार केवट द्वारा कब्जा कर बनाए गए घर के आंगन में ही राम सिंह यादव की मौत-मिट्टी की।
श्मशान घाट की जमीन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी—**—
इस घटना के बाद गांव में श्मशान घाट की जमीन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट सार्वजनिक उपयोग की जगह है, जहां ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए पर्याप्त स्थान मिलना चाहिए। ऐसे में यदि श्मशान घाट की जमीन पर कब्जा है तो प्रशासन और पंचायत को मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
पंचायत के नोटिस के बाद भी नहीं हुई जगह खाली—***—
ग्रामीणों के अनुसार जगह खाली कराने को लेकर पंचायत की ओर से नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही। अब एक व्यक्ति की मौत के बाद अंतिम संस्कार तक के लिए जगह नहीं मिल पाने और मजबूरन कब्जे वाले घर के आंगन में मौत-मिट्टी किए जाने का मामला सामने आने से पंचायत एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि श्मशान घाट की भूमि की जांच कराकर सीमांकन कराया जाए और यदि भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई कर श्मशान घाट की जमीन को कब्जामुक्त कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी परिवार को अंतिम संस्कार के लिए ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

