इमरान खान की रिपोर्ट
बिलासपुर—-धान खरीदी केंद्र केंदा और धान उपार्जन केंद्र पचरा हमेशा से विवादों में रहने के बाद इस बार भी से नये मामले में सुर्खियों में हैं l बेलगहना और रतनपुर तहसील के धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। किसानों के द्वारा बताया जा रहा है कि शासन द्वारा धान खरीदी का निर्धारित वजन 40 किलो 600 ग्राम किसानों से धान लेना है जबकि धान खरीदी केंद्र प्रभारियों के द्वारा धड़ल्ले से 41 किलो 200 ग्राम लिया जा रहा है. गांव से उपज को बेचने पहुंचने वाले किसानों के साथ बिक्री के दौरान खरीदी केन्द्रों में 600 ग्राम धान का हेरफेर हो रहा है। खरीदी केंद्र में तमाम अव्यवस्थाओं के बीच किसानों के साथ छलावा किया जा रहा हैं ।

खरीदी केन्द्र में मौजूद कर्मचारियों द्वारा किसानों से 40 किलो 600 की जगह 41.किलो 200 ग्राम वजन करके धान ले रहे थे। कुछ किसानों की आपत्ति पर सरकारी फरमान और सूखने के बाद कम वजन होने की बात कही। दरअसल 41 किलो 200 ग्राम धान लेने की कहानी किसी एक दो खरीदी केन्द्रों की नहीं, बल्कि अधिकांश खरीदी केन्द्रों की है। यहां मौजूद कर्मचारियों द्वारा धान में नमी होना वजह बताकर 41 किलो 200 ग्राम तौला जा रहा है। इससे विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं। रतनपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम उमरिया दादर के किसान रामजी पैकरा ने बताया कि मैं धान उपार्जन केंद्र पचरा में धान बेचने गया था मैं प्रत्येक बोरा में 40 किलो 700 ग्राम धान तौल करके ले गया था उसके बाद भी वहां के प्रबंधक के द्वारा सूखत के नाम से 41 किलो 200 ग्राम धान लिया गया मेरे द्वारा विरोध करने पर भी 41 किलो 200 ग्राम धान लिए हैं l

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झीमर एक्का किसान परसापानी — धान खरीदी केंद्र केंदा में 40 किलो 700 ग्राम धान तौल करके ले गया था, प्रबंधक के द्वारा धान वजन कम हैं करके 41 किलो 300 ग्राम धान लिए गया l
नितिन तिवारी एसडीएम कोटा —- धान खरीदी केंद्र केंदा और पचरा में अधिक धान लेने की जानकारी मिली हैं इस पर जांच कर कार्रवाई की जायेगी l

