जितेन्द्र खुसरो की रिपोर्ट
सोनसाय नवागाँव – हरेली के दिन, छत्तीसगढ़ में आई बाढ़ ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. फसलें और कृषि उपकरण, जैसे कि मशीनें और साधन, बाढ़ के पानी में डूब गए हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. अरपा नदी और सरगोड़ नदी उफान पर है l
किन-किन ग्राम के किसानो का फसल डूबा- मोहली, खोगसरा, तुलुफ, सोनसाय नवागांव, डांडबछली, रिगरिगा, बिटकुली,नागोई, सोनपुरी सम्मिलित है l
हरेली, छत्तीसगढ़ का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो कृषि और हरियाली से जुड़ा है. इस दिन, किसान अपने कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं और अच्छी फसल की कामना करते हैं.

इस बार, बाढ़ ने न केवल फसल को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि किसानों के कृषि उपकरणों को भी डुबो दिया है. इससे किसानों को दोहरी मार पड़ी है, क्योंकि उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं और उनके पास अपने काम को जारी रखने के लिए साधन भी नहीं बचे हैं.
बाढ़ से हुए नुकसान:
फसलें बर्बाद हो गईं.
कृषि उपकरण, जैसे कि मशीनें और साधन, पानी में डूब गए.
किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है.
किसानों की चिंता:
फसलों के नुकसान से वे चिंतित हैं कि वे अपनी आजीविका कैसे चलाएंगे.
कृषि उपकरणों के नुकसान से वे अपने काम को जारी रखने में असमर्थ हैं.
सरकार से मदद की उम्मीद कर रहे हैं.
आगे की राह:
किसानों को तत्काल राहत और सहायता की आवश्यकता है.

सरकार को बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करना चाहिए और किसानों को मुआवजा देना चाहिए.
किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए, जैसे कि जल-कुशल कृषि तकनीकें और बेहतर जल भंडारण सुविधाएं.
शुभ हरेली …..! सभी मित्रो को हरेली तिहार की हार्दिक शुभकामनाएं …

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