
इमरान खान की रिपोर्ट 7974110132
बिलासपुर —— प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर कई घोटाले सामने आ रहे हैं। कहीं आवास सर्वे के नाम पर पैसे वसूलने का मामला सामने आ रहा है, तो कहीं आवास स्वीकृति के बाद दूसरे हितग्राही का जियोटेक कर आवास की राशि को तीसरे के खाते में डाल देने का भी मामला सामने आया हैं l छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की चेतावनी का जनपद पंचायत कोटा के अधिकारियों पर कोई असर होता नहीं दिखाई दे रहा है। यहा कारण है कि आवास निर्माण के नाम पर जनपद पंचायत कोटा में घोटाले सामने आ रहे हैं। कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत तेंदुवा के जियाराम विश्वकर्मा ने सुशासन तिहार में आवेदन देकर रोजगार सहायक के द्वारा आवास में गड़बड़ी करने की शिकायत दर्ज कराया था, इस मामले की शिकायत के बाद जनपद पंचायत कोटा के सीईओ द्वारा 3 अधिकारियों का जांच टीम गठित करके जांच करने भेजा गया था जांच होने के बाद भी जांच की फाइल धूल खाती पड़ी है। इस पर अभी तक कार्रवाई नही किया गया हैं l
बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत कोटा के अंतर्गत ग्राम तेंदुवा के निवासी जियाराम विश्वकर्मा ने सुशासन तिहार में आवेदन देकर प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर किये गये गड़बड़ी की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की थी आवेदक में बताया गया कि मेरे पिताजी रामप्रसाद विश्वकर्मा के नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृति हुआ था जिसका आईडी क्रमांक सीएच 2532643 हैं पिता रामप्रसाद का निधन हो चूका हैं और इनकी स्वीकृति आवास आईडी में मेरी माता का नाम दर्ज होना हैं l उसके बाद भी मेरे पिता के नाम परमेरी माता का नाम को जोड़ने के बजाय रोजगार सहायक के द्वारा गांव के ही दूसरे व्यक्ति रामप्रसाद ध्रुव के नाम से आवास का जियो टेक कर दिया रोजगार सहायक ने अधिकारियों से मिलीभगत कर योजना की प्रथम किश्त की राशि को तीसरे व्यक्ति रामप्रसाद यादव के खाते को जोड़कर उसमें जमा कर दिया इस पुरे गड़बड़ी में दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए आवेदन दिया गया था जिसमें जनपद पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी के द्वारा जांच टीम गठित कर 11 मई 2025 को जांच टीम को ग्राम पंचायत तेंदुवा भेज कर सरपंच सचिव शिकायतकर्ता व ग्रामवासियों की उपस्थित में जांच की गई जांचकर्ताओं ने जांच मे शिकायत सही पाया । रोजगार सहायक द्वारा नामिनी को नही बदला गया था और दुसरे रामप्रसाद धुर्वे के नाम से आवास का जियोटेक कर दिया साथ ही इस आवास की प्रथम किश्त की राशि को तीसरे व्यक्ति रामप्रसाद यादव के में डाला दिया गया जनपद पंचायत की जांच टीम ने जांच पंचनामा तैयार कर मुख्यकार्यपालन अधिकारी को सौप दिया है l जांच होने के बाद भी अब तक दोषी रोजगार सहायक पर कार्यवाही नहीं हुई। आवेदनकर्ता अब मुख्यमंत्री के पास शिकायत करने की बात कहा रहा हैं l
बाइट —
ओमकार जायसवाल — जांच अधिकारी — हमारे द्वारा जांच किया गया हैं जिसमें रोजगार सहायक दोषी पाया गया हैं हमारे द्वारा जांच रिपोर्ट सीईओ सर को सौप दिया गया हैं l
जियाराम विश्वकर्मा –शिकायतकर्ता — जनपद से आई जांच टीम के द्वारा जांच में रोजगार सहायक को दोषी पाये जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नही की गई हैं, अब मैं मुख्यमंत्री से शिकायत करने जाऊंगा l

