सुशासन दिवस पर सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कुमार शर्मा की 11 मांगें सरकार ने की स्वीकृत- आदिवासी क्षेत्रों की समस्याएं को उठाया गया

प्रमोद यादव की रिपोर्ट

स्थान: कोटा ब्लॉक, जिला बिलासपुर, छत्तीसग

कोटा, बिलासपुर:
सुशासन दिवस पर जनसमस्याओं को लेकर प्रस्तुत किए गए आवेदन इस बार सार्थक साबित हुए। ग्राम आमागोहन सहित इसके आश्रित ग्रामों की समस्याओं को लेकर युवा सामाजिक कार्यकर्ता श्री प्रदीप कुमार शर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ शासन को ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत 11 मांगें पूरी तरह स्वीकृत कर ली गई हैं। यह न केवल ग्रामवासियों की जीत है, बल्कि सुशासन की दिशा में एक सार्थक पहल भी है।

वार्डवार और ग्रामवार स्वीकृत मांगें:

वार्ड क्रमांक 3 – आमागोहन

  1. सामुदायिक भवन निर्माण की मांग स्वीकृत – वार्ड में सार्वजनिक आयोजन, महिला समूह बैठक आदि के लिए भवन की आवश्यकता वर्षों से थी।
  2. हैंडपंप क्षेत्र में क्रेडा योजना के तहत बोरवेल्स – जलसंकट को दूर करने हेतु स्वीकृति।
  3. मुक्तिधाम में बोरवेल खनन – अंतिम संस्कार हेतु जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए।

वार्ड क्रमांक 19 – आमागोहन

  1. पटेल मोहल्ला तक 300 मीटर सीसी सड़क निर्माण – मुख्य मार्ग से मोहल्ले को जोड़ने की बहुप्रतीक्षित मांग।

खोंगसरा ग्राम पंचायत (आमागोहन के अंतर्गत)

  1. खोंगसरा से आमागोहन तक पुलिया निर्माण – बरसात में अवरुद्ध रास्ते को सुगम बनाने की दिशा में अहम कदम।
  2. होम स्टे योजना के तहत आर्थिक सहायता की स्वीकृति – पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की योजना।

ग्राम छोटकीरेवार (आमाडोब पंचायत का आश्रित ग्राम)

  1. प्राथमिक शाला भवन का पुनर्निर्माण – वर्तमान भवन जर्जर अवस्था में था, अब नया भवन मिलेगा।

आमागोहन समग्र ग्राम

  1. स्वरोजगार-प्रशिक्षण केंद्र और महाविद्यालय की स्थापना की मांग – युवाओं के उच्च शिक्षा और कौशल विकास हेतु आधारभूत सुविधा।
  2. वन विभाग द्वारा अंतिम संस्कार हेतु लकड़ी की सुविधा एवं लकड़ी डिपो की स्थापना – ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत।

आश्रित ग्राम: मुसियारी, भनवारटंक, गौरखुरी, बगधरा

  1. बिजली सुविधा की स्वीकृति – आज़ादी के इतने वर्षों बाद इन अंतिम छोर के गांवों तक बिजली पहुँचेगी।

आदिवासी अंचल – समस्त क्षेत्र

  1. स्थानीय राशन दुकान की स्थापना – दूर-दराज ग्रामीणों को अब नियमित राशन नजदीक मिलेगा।

राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिक्रियाएं:

भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री राजू सिंह राजपूत ने कहा:

“छत्तीसगढ़ सरकार आज ग्रामीणों और युवाओं की आवाज सुन रही है। प्रदीप शर्मा जैसे युवाओं की मेहनत और निष्ठा का परिणाम है कि ये सभी मांगे स्वीकृत हुईं। यह क्षेत्र के विकास की नई शुरुआत है।”

प्रदीप शर्मा की अपील और संदेश:

प्रदीप कुमार शर्मा ने कहा:

“हमारी जिम्मेदारी अब शुरू होती है। सभी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए हम निगरानी रखेंगे। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वे आगे आएं, योजनाओं की जानकारी लें और ज़रूरतमंदों तक लाभ पहुंचाएं।”

वार्ड स्तर पर विकास की यह स्वीकृति ग्राम आमागोहन और आसपास के क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इन योजनाओं का सफल क्रियान्वयन आदिवासी अंचलों में सशक्तिकरण और समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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